भारत विकास परिषद और आदित्य ग्रुप ने गोपालपुरा में बसाया मिनी फॉरेस्ट, 600 देसी पौधों का रोपण*
मियावाकी तकनीक से 18 प्रजातियों के पौधे लगाए, 2 साल में तैयार होगा घना जंगल
मांगलियावास..पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के संकल्प के साथ भारत विकास परिषद-ब्यावर ने शनिवार को ग्राम पंचायत लामाना के ग्राम गोपालपुरा, अमरगढ़ में सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। मियावाकी तकनीक के माध्यम से लगभग 600 देसी पौधे रोपित किए गए। इस पुनीत कार्य में आदित्य ग्रुप लामाना का सहयोग रहा।कार्यक्रम के पश्चात नसीराबाद रोड स्थित बी आर कैल्शियम में भी 600 पौधों का सघन वन का कार्यक्रम किया गया । इस दौरान भारत विकास परिषद के पदाधिकारी एवं सदस्यों के अतिरिक्त मांगलियावास सरपंच दुर्गेंद्र सिंह राठौड़ एवं फैक्ट्री कर्मचारियों की उपस्थिति रहे ।
18 प्रजातियों से सजेगा हरित क्षेत्र
कार्यक्रम में सहजन, अर्जुन, हरसिंगार, पारस पीपल, करंज, कचनार, नीम, चुरैल, अमलतास, पलाश, मालाबार नीम, गुलमोहर, अमरूद, जामुन, गूलर, सरस, केसिया श्यामा सहित 18 स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए।
मियावाकी तकनीक की विशेषता यह है कि इसमें पौधे पास-पास लगाए जाते हैं, जिससे उनकी वृद्धि सामान्य वृक्षारोपण की तुलना में 10 गुना तेज होती है। अनुमान है कि 2 से 3 साल में यहां घना जंगल तैयार हो जाएगा।
जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने बढ़ाया हौसला
वृक्षारोपण में आदित्य पॉलीसेक के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक झंवर, रंजीत कुमार पांडेय, जगदीश प्रसाद मोदनी, भारत विकास परिषद राजस्थान मध्य प्रांत के प्रांतीय महासचिव आनंद सिंह राठौर, ब्यावर मुख्य शाखा के अध्यक्ष सतीश सराफ, सचिव विकास गर्ग, प्रांतीय दायित्वधारी अमरचंद मूंदड़ा, अनिल भराड़िया, कमलेश बंट, ज्योति महेश्वरी सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में राजेंद्र खंडेलवाल, पीयूष हेड़ा, रमेश शर्मा, राकेश सोमानी, जसपाल हूडा, मनीष अग्रवाल, वैभव सकलेचा, पंकज बंट, प्रकाश ईनानी, संजय जिंदल, संजय गर्ग, रविंद्र टेलर, अंजना मुंद्रा, सरला हेड़ा, नंदिता झंवर, विश्व हिंदू परिषद से लक्ष्मी नारायण जी, पृथ्वी सिंह जी, डॉ. धर्मेंद्र सिंह और गोपालपुरा, रामपुरा, अमरगढ़, रुदलाई, लामाना के ग्रामवासियों ने उत्साह के साथ पौधे लगाए।
सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी ली
आदित्य ग्रुप ने पौधों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र की तारबंदी करने और नियमित सिंचाई व देखभाल की जिम्मेदारी ली है। आयोजकों ने कहा कि इस मिनी फॉरेस्ट से क्षेत्र का तापमान घटेगा, भूजल बढ़ेगा और पक्षियों को नया आश्रय मिलेगा।
कार्यक्रम का समापन पर्यावरण बचाने और अधिक पौधे लगाने के संकल्प के साथ हुआ।
मांगलियावास: गोपालपुरा में मियावाकी तकनीक से पौधारोपण करते भारत विकास परिषद के पदाधिकारी, आदित्य ग्रुप के सदस्य और ग्रामवासी।
दस की लाठी, एक का बोझ"
_अर्थ_: भारत विकास परिषद, आदित्य ग्रुप और ग्रामवासियों के मिले-जुले प्रयास से ही ये घना जंगल संभव हो पाया।