मुंबई, 30 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन) उबर (Uber) ने अपने प्लेटफॉर्म पर बड़े बदलावों की घोषणा की है। कंपनी ने अब अपनी ऐप में होटल बुकिंग की सुविधा जोड़ दी है, जो इसे केवल एक ट्रैवल ऐप से बदलकर एक संपूर्ण 'ट्रैवल हब' बना देगी। इसके साथ ही कंपनी ने एआई-आधारित वॉइस बुकिंग सेवा भी शुरू की है।
खबर के मुख्य आकर्षण:
- सुपर ऐप की ओर कदम: उबर का लक्ष्य एक ऐसा 'सुपर ऐप' बनना है जहाँ ग्राहक फ्लाइट, ट्रेन, टैक्सी और अब होटल—सब कुछ एक ही जगह से बुक कर सकें। इसकी शुरुआत ब्रिटेन से हो रही है, जहाँ कंपनी ने होटल्स के साथ हाथ मिलाया है।
- AI वॉइस बुकिंग (Uber Voice): अब आपको टैक्सी बुक करने के लिए फोन पर टाइप करने की जरूरत नहीं होगी। कंपनी ने एक एआई-संचालित वॉइस सर्विस शुरू की है, जिससे आप कॉल करके या वॉइस कमांड देकर अपनी सवारी बुक कर सकेंगे। यह उन लोगों के लिए बेहद मददगार होगा जो ऐप चलाने में सहज नहीं हैं।
- Hopper के साथ साझेदारी: उबर ने होटल इन्वेंट्री के लिए 'हॉपर' (Hopper) जैसे बड़े बुकिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ करार किया है, ताकि यूजर्स को बेहतरीन डील्स और विकल्प मिल सकें।
उबर ऐसा क्यों कर रही है?
उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही के नेतृत्व में कंपनी की रणनीति 'क्रॉस-सेलिंग' की है। कंपनी चाहती है कि अगर कोई यात्री एयरपोर्ट जाने के लिए उबर बुक करता है, तो उसे वहीं से होटल और रिटर्न फ्लाइट के विकल्प भी मिल जाएं। इससे न केवल ग्राहकों को सुविधा होगी, बल्कि उबर का राजस्व (Revenue) भी बढ़ेगा।
भारत के लिए इसके क्या मायने हैं?
हालांकि होटल बुकिंग की यह सुविधा फिलहाल ब्रिटेन और चुनिंदा देशों में शुरू की गई है, लेकिन कंपनी की योजना इसे धीरे-धीरे वैश्विक स्तर पर ले जाने की है। भारत जैसे बड़े बाजार में, जहाँ उबर की पकड़ बहुत मजबूत है, आने वाले समय में यह सर्विस ओयो (OYO) और मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) जैसे दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे सकती है।
उबर का यह नया अवतार दिखाता है कि टेक कंपनियां अब केवल एक सर्विस तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। एआई और डेटा के दम पर उबर अब आपकी पूरी यात्रा का 'वन-स्टॉप सॉल्यूशन' बनने के लिए तैयार है।
मुंबई, 30 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन) उबर (Uber) ने अपने प्लेटफॉर्म पर बड़े बदलावों की घोषणा की है। कंपनी ने अब अपनी ऐप में होटल बुकिंग की सुविधा जोड़ दी है, जो इसे केवल एक ट्रैवल ऐप से बदलकर एक संपूर्ण 'ट्रैवल हब' बना देगी। इसके साथ ही कंपनी ने एआई-आधारित वॉइस बुकिंग सेवा भी शुरू की है।
खबर के मुख्य आकर्षण:
- सुपर ऐप की ओर कदम: उबर का लक्ष्य एक ऐसा 'सुपर ऐप' बनना है जहाँ ग्राहक फ्लाइट, ट्रेन, टैक्सी और अब होटल—सब कुछ एक ही जगह से बुक कर सकें। इसकी शुरुआत ब्रिटेन से हो रही है, जहाँ कंपनी ने होटल्स के साथ हाथ मिलाया है।
- AI वॉइस बुकिंग (Uber Voice): अब आपको टैक्सी बुक करने के लिए फोन पर टाइप करने की जरूरत नहीं होगी। कंपनी ने एक एआई-संचालित वॉइस सर्विस शुरू की है, जिससे आप कॉल करके या वॉइस कमांड देकर अपनी सवारी बुक कर सकेंगे। यह उन लोगों के लिए बेहद मददगार होगा जो ऐप चलाने में सहज नहीं हैं।
- Hopper के साथ साझेदारी: उबर ने होटल इन्वेंट्री के लिए 'हॉपर' (Hopper) जैसे बड़े बुकिंग प्लेटफॉर्म्स के साथ करार किया है, ताकि यूजर्स को बेहतरीन डील्स और विकल्प मिल सकें।
उबर ऐसा क्यों कर रही है?
उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही के नेतृत्व में कंपनी की रणनीति 'क्रॉस-सेलिंग' की है। कंपनी चाहती है कि अगर कोई यात्री एयरपोर्ट जाने के लिए उबर बुक करता है, तो उसे वहीं से होटल और रिटर्न फ्लाइट के विकल्प भी मिल जाएं। इससे न केवल ग्राहकों को सुविधा होगी, बल्कि उबर का राजस्व (Revenue) भी बढ़ेगा।
भारत के लिए इसके क्या मायने हैं?
हालांकि होटल बुकिंग की यह सुविधा फिलहाल ब्रिटेन और चुनिंदा देशों में शुरू की गई है, लेकिन कंपनी की योजना इसे धीरे-धीरे वैश्विक स्तर पर ले जाने की है। भारत जैसे बड़े बाजार में, जहाँ उबर की पकड़ बहुत मजबूत है, आने वाले समय में यह सर्विस ओयो (OYO) और मेकमायट्रिप (MakeMyTrip) जैसे दिग्गजों को कड़ी टक्कर दे सकती है।
उबर का यह नया अवतार दिखाता है कि टेक कंपनियां अब केवल एक सर्विस तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। एआई और डेटा के दम पर उबर अब आपकी पूरी यात्रा का 'वन-स्टॉप सॉल्यूशन' बनने के लिए तैयार है।