भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कुछ समय किसी सुनहरे दौर से कम नहीं रहा है। साल 2025 में आईपीओ (Initial Public Offering) की जो लहर शुरू हुई थी, वह 2026 में एक 'सुनामी' का रूप ले सकती है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 का साल प्राइमरी मार्केट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा, क्योंकि इस दौरान देश की कुछ सबसे मूल्यवान और भरोसेमंद कंपनियां अपनी लिस्टिंग की तैयारी में हैं।
2026 के सबसे प्रतीक्षित IPO: जिन पर रहेगी सबकी नजर
भारत की अर्थव्यवस्था में डिजिटल क्रांति और कंजम्पशन बढ़ने के साथ ही कई बड़े स्टार्टअप्स और कॉर्पोरेट दिग्गज अब पब्लिक होने जा रहे हैं। यहाँ उन टॉप कंपनियों की लिस्ट है जो 2026 में धमाल मचा सकती हैं:
1. Reliance Jio: सदी का सबसे बड़ा इश्यू? रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम विंग, रिलायंस जियो (Reliance Jio) का आईपीओ 2026 का सबसे बड़ा आकर्षण होने वाला है। जानकारों का कहना है कि यह भारतीय बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है। जियो ने जिस तरह से भारत के डेटा और टेलीकॉम सेक्टर को बदला है, उसे देखते हुए वैश्विक निवेशक भी इसमें बड़ी हिस्सेदारी पाने के लिए बेताब हैं।
2. NSE (National Stock Exchange): लंबे इंतजार का अंत नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ वर्षों से चर्चा में है। रेगुलेटरी मंजूरी और तकनीकी बाधाओं के बाद, अब संकेत मिल रहे हैं कि 2026 वह साल होगा जब निवेशक भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज के मालिक बन सकेंगे। यह शेयर बाजार की पारदर्शिता और गहराई को और बढ़ाएगा।
3. Flipkart और PhonePe: ई-कॉमर्स और फिनटेक की एंट्री वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) और डिजिटल पेमेंट ऐप फोनपे (PhonePe) दोनों ही अपनी लिस्टिंग की तैयारी को अंतिम रूप दे रहे हैं। फ्लिपकार्ट ने हाल ही में अपने ऑपरेशंस को भारत में री-डोमिसाइल (पुनर्स्थापित) किया है, जिससे इसकी भारतीय बाजार में लिस्टिंग आसान हो गई है। वहीं, फोनपे का विशाल यूपीआई नेटवर्क उसे निवेशकों के लिए बेहद आकर्षक बनाता है।
4. Zepto: क्विक कॉमर्स की नई चमक 10 मिनट में डिलीवरी का वादा करने वाली कंपनी ज़ेप्टो (Zepto) ने बहुत कम समय में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। क्विक कॉमर्स सेक्टर की यह कंपनी अब पब्लिक फंड के जरिए अपने विस्तार की योजना बना रही है। युवाओं और शहरी इलाकों में इसकी लोकप्रियता इसे एक हाई-ग्रोथ स्टॉक बना सकती है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
2026 में आने वाले ये आईपीओ न केवल निवेश का अवसर लाएंगे, बल्कि बाजार में नकदी (Liquidity) के प्रवाह को भी बढ़ाएंगे। सेबी (SEBI) की सख्ती और नए नियमों के कारण अब कंपनियां अधिक पारदर्शी हो गई हैं, जिससे रिटेल निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
निवेश से पहले रखें इन बातों का ध्यान
बड़ी कंपनियों के नाम देखकर प्रभावित होने के साथ-साथ निवेशकों को उनके Valuation (मूल्यांकन) और Profitability (मुनाफे) पर भी गौर करना चाहिए। अक्सर बड़े आईपीओ बहुत अधिक प्रीमियम पर आते हैं, इसलिए लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि के निवेश के बीच संतुलन बनाना जरूरी है।
निष्कर्ष कुल मिलाकर, 2026 का साल भारतीय निवेशकों के लिए 'पोर्टफोलियो बनाने' का साल होने वाला है। रिलायंस जियो, फ्लिपकार्ट और एनएसई जैसी कंपनियों की लिस्टिंग न केवल शेयर बाजार की चमक बढ़ाएगी, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण भी देगी।